अभी मेरे सामने वास्तविक तथ्य क्या है?
भागवत पुराण में बलराम यमुना को अपने पास आने का आदेश देते हैं, लेकिन नदी नहीं आती। बलराम क्रोधित होकर हल से यमुना को अपनी ओर खींचने लगते हैं। नदी-देवी भयभीत होकर सामने आती है और क्षमा मांगती है। बलराम उसे छोड़ देते हैं। यह कथा दिखाती है कि शक्ति सुधार सकती है, लेकिन समर्पण आने पर उसे शांत भी होना चाहिए।