कुछ अस्त्र इसलिए भयावह होते हैं क्योंकि वे अचूक होते हैं। शक्ति ऐसा ही एक अस्त्र है। फिर भी इसका गहरा अर्थ केवल मारने में नहीं है। यह समय, निर्णय और उस कठोर सत्य से भी जुड़ा है कि महान शक्ति अक्सर बहुत बड़ी कीमत मांगती है।
शक्ति, विशेष रूप से वासवी शक्ति, निश्चित विनाश करने वाला दिव्य भाला या शक्ति-अस्त्र है। यह संकेंद्रित बल, निर्णायक समय और ऐसे निर्णय का प्रतीक है जो भाग्य की दिशा बदल सकता है।
कथा
महाभारत में कर्ण इंद्र से प्राप्त शक्ति को अर्जुन के लिए बचाकर रखता है। लेकिन उस भयानक रात में, जब घटोत्कच कौरव सेना को तोड़ने लगता है, कर्ण को वही शक्ति चलानी पड़ती है। वह घटोत्कच का वध कर देती है, पर वह क्षण विजय से अधिक कड़वा है। क्योंकि उसी समय कर्ण वह एकमात्र अस्त्र खो देता है जिसे उसने अर्जुन के लिए बचाया था। इस तरह यह कथा शक्ति को केवल मारने वाले अस्त्र से आगे ले जाती है; यह महंगी पसंद का प्रतीक बन जाती है।
दैनिक जीवन की सीख
शक्ति पूछती है कि क्या हम जानते हैं कब कार्य करना है और उसकी क्या कीमत चुकानी पड़ सकती है। जीवन में कुछ निर्णय तत्काल संकट तो हल कर देते हैं, पर दूसरी दिशा हमेशा के लिए बंद कर देते हैं। इसकी सीख भय नहीं, परिपक्वता है: अपनी सबसे बड़ी शक्ति का उपयोग पूरी सजगता से करो।