अभी मेरे सामने वास्तविक तथ्य क्या है?
बालकांड में विश्वामित्र और वसिष्ठ का प्रसंग तीव्र हो जाता है। विश्वामित्र अनेक भयानक अस्त्र छोड़ते हैं, जिनमें संतापनास्त्र भी है। फिर भी वसिष्ठ क्रोध में नहीं जलते और भय में नहीं टूटते। वे स्थिर रहते हैं, और उनका ब्रह्मदंड उन अस्त्रों को समा लेता है। कथा बताती है कि तीव्र शक्ति और भीतर की गर्मी भी आध्यात्मिक स्थिरता से संभाली जा सकती है।